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2020-12-10

PM Modi Yojana 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी योजना - Textnews1

 PM Modi Yojana 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी योजना - Textnews1

पीएम मोदी योजना के तहत भारत सरकार विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को देश के सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा रही है| वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के पश्चात माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश हित में बहुत सी योजनाओं का शुभारंभ किया है | आज अपने इस लेख के माध्यम से हम आपको प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ की गई मुख्य योजनाओं के बारे में मुख्य जानकारी जैसे जरूरी दस्तावेज,लाभ, महत्वपूर्ण तिथियां, पंजीकरण प्रक्रिया, उपयोगकर्ता दिशानिर्देश और आधिकारिक वेबसाइट प्रदान करेंगे। PM Modi Yojana के तहत भिन्न भिन्न प्रकार के मंत्रालय द्वारा विभिन्न प्रकार कल्याणकारी कार्यक्रम महिला कल्याण, युवा कल्याण, कृषि कल्याण में चलाए जा रहे हैं |


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी योजना सूची

माननीय प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनायें आरम्भ की गयी है। PM Modi Yojana को चलाने का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न वर्गो को सशक्त बनाना,आत्मनिर्भर बनाना तथा देश के विभिन्न वगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी योजना के लाभो को प्रदान करना है। आज हम इस आर्टिकल में आपको देश मे मोदी योजना के अन्तर्गत चल रही सभी कल्याणकारी योजनाओं के बारे विस्तार से जानकारी प्रदान करने जा रहे है।

मोदी सरकारी योजना

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का आरंभ करते आए हैं | वर्ष 2014 वर्ष 2019 मोदी सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की अनेकों PM Modi Yojana निम्न वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, पिछड़ा वर्ग तथा मध्यम वर्गीय व्यक्तियों की जरूरतों, आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आरंभ की गई है| दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में आपको उन सभी महत्वपूर्ण केंद्र सरकार की सरकारी योजना के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे जो कि नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई है |

आत्मनिर्भर भारत अभियान

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण तथा शहरी)

इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार देश के सभी निम्न वर्गों, पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा मध्यम वर्ग के लोगों को जिनके पास कच्चे मकान है या उनके पास स्वयं का मकान नहीं है उनको स्वयं का पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है तथा वर्ष 2022 तक सभी लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत सम्मिलित करना है| यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के नाम से जानी जाती है तथा शहरी क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के नाम से जानी जाती है इस योजना की पूरी जानकारी के लिए आप अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं


आयुष्मान भारत योजना

इस योजना के अंतर्गत देश के नागरिकों को अच्छे स्वास्थ्य सेवाएं स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है तथा योजना के कार्य के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएं जा रहे हैं| प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 500000 तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराती है तथा उनको इस लायक बनाती है कि वह अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज निशुल्क करा सके | इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया है एवं 1350 सूचीबद्ध बीमारियों का इलाज सुविधा उपलब्ध कराई जाती है योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 500000 तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराती है

प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाएं उपलब्ध कराती है| योजना के अंतर्गत आवेदन कर कोई भी लाभार्थी अपना भविष्य सुरक्षित कर सकता है तथा 60 वर्ष की आयु के पश्चात मासिक तौर पर पेंशन प्राप्त कर सकता है| यह योजना लाभार्थियों को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाती है एवं उनके भविष्य को सुरक्षित करती है यह एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है तथा इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यू-एच-सी) के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना “आयुष्मान भारत” का प्रक्षेपण राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के द्वारा अनुशंसित किया गया। यह पहल, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और इसकी रेखांकित प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य है की “कोई भी पीछे ना छूटे।”

“आयुष्मान भारत” स्वास्थ्य सेवा वितरण के क्षेत्रीय और खंडित दृष्टिकोण से हट कर, एक व्यापक और अपेक्षित स्वास्थ्य सेवा की ओर बढ़ने का प्रयास है। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली (प्रिवेन्शन, प्रमोशन एवं एंबुलेटरी केयर) को समग्रित रूप से सम्बोधित करना है। आयुष्मान भारत अबाध्य स्वास्थ्य सेवाओं की ओर एक बड़ा क़दम है। इसमें दो अंतर-संबंधित घटक शामिल हैं, जो निमलिखित हैं: -

  • स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWC’s)
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय)


1. स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWCs)

फरवरी 2018 में, भारत सरकार ने मौजूदा उप केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बदलकर 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWCs) बनाने की घोषणा की। यह पहल, व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (CPHC) और स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घरों तक पहुंचाने की कोशिश हैं। इन केंद्रों में नि:शुल्क आवश्यक दवाइयाँ, गैर-संचारी रोगों सहित नैदानिक एवं मातृ और बाल स्वास्थ्य सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।

फरवरी 2018 में, भारत सरकार ने मौजूदा उप केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बदलकर 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWCs) बनाने की घोषणा की

इन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की परिकल्पना अपने क्षेत्र की संपूर्ण आबादी में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं सार्वभौमिकता के लक्ष्य से की गई। स्वास्थ्य संवर्धन और रोकथाम की रचना व्यक्तियों और समुदायों में स्वस्थ व्यवहारों को अपनाने और लोगों को स्वस्थ व सशक्त बनाने के लिए की गयीं हैं ताकि वे जटिल बीमारियों और उनसे उत्पन जोखिम से सुरक्षित रह सकें।

आयुष्मान भारत के तहत दूसरा घटक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना है जिसे लोग (पीएम-जय)के नाम जानते हैं। यह योजना 23 सितंबर, 2018 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा रांची, झारखंड में शुरू की गई।

आयुष्मान भारत (पीएम-जय)दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसका उद्देश्य प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ़्त इलाज माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 10.74 करोड़ से भी अधिक गरीब और वंचित परिवारों (या लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को) मुहैया कराना जो भारतीय आबादी का 40% हिस्सा हैं। यह संख्या और शामिल किए गए परिवार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 (SECC 2011) के अभाव और व्यावसायिक मापदण्डों पर आधारित हैं। (पीएम-जय)को पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (NHPS) के नाम से जाना जाता था। पूर्ववर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (RSBY), जिसका प्रमोचन 2008 में हुआ था, का विलय (पीएम-जय)में किया गया। इसलिए (पीएम-जय)के तहत, उन परिवारों को भी शामिल किया गया है जो RSBY में उल्लिखित थे, लेकिन SECC 2011 के डेटाबेस में मौजूद नहीं हैं। (पीएम-जय)पूरी तरह से एक सरकार द्वारा वित्त-पोषित योजना है जिसकी कार्यान्वयन की लागत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बाटी गई है।

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(पीएम-जय) की मुख्य विशेषताएं

  • (पीएम-जय)पूरी तरह से सरकार द्वारा वित्त-पोषित दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा/आश्वासन योजना है।
  • यह योजना भारत में सार्वजनिक व निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की धन राशि लाभार्थियों को मुहया कराती है।
  • 10.74 करोड़ से भी अधिक गरीब व वंचित परिवार (या लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकतें हैं।
  • (पीएम-जय)सेवा संस्थान अर्थात “अस्पतालों” में लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाएँ निशुल्क प्रदान करती है।
  • (पीएम-जय)चिकित्सा उपचार से उत्पन अत्यधिक ख़र्चे को कम करने में मदद करती है, जो प्रत्येक वर्ष लगभग 6 करोड़ भारतीयों को गरीबी की रेखा से नीचे पहुचा देता है।
  • इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और 15 दिन बाद तक का नैदानिक उपचार, स्वास्थ्य इलाज व दवाइयाँ मुफ्त उपलब्ध होतीं हैं।
  • इस योजना के तहत परिवार के आकार, आयु या लिंग पर कोई सीमा नहीं है।
  • इस योजना के तहत पहले से मौजूद विभिन्न चिकित्सीय परिस्थितियों और गम्भीर बीमारियों को पहले दिन से ही शामिल किया जाता है।
  • (पीएम-जय)एक पोर्टेबल योजना हैं यानी की लाभार्थी इसका लाभ पूरे देश में किसी भी सार्वजनिक या निजी सूचीबद्ध अस्पताल में उठा सकतें हैं।
  • इस योजना में लगभग 1,393 प्रक्रियाएं और पैकिज शामिल हैं जैसे की दवाइयाँ, आपूर्ति, नैदानिक सेवाएँ, चिकित्सकों की फीस, कमरे का शुल्क, ओ-टी और आई-सी-यू शुल्क इत्यादि जो मुफ़्त उपलब्ध हैं।
  • स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी अस्पतालों की प्रतिपूर्ति सार्वजनिक अस्पतालों के बराबर की जाती है।

पीएम-जय के तहत लाभ

भारत में कई सरकारी वित्त-पोषित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं रही है जिनके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में प्रति परिवार 30,000 रुपये से लेकर 3,00,000 रुपये तक की धन राशि मुहैया कराई जाती थी जो असमानता उत्पन करती थीं। (पीएम-जय) समस्त लाभार्थियों को सूचीबद्ध माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5,00,000 रुपये मुहैया कराती है। इस योजना के तहत निम्नलिखित उपचार निशुल्क उपलब्ध हैं।


  • चिकित्सिक परीक्षा, उपचार और परामर्श
  • अस्पताल में भर्ती से पूर्व ख़र्चा
  • दवाइयाँ और चिकित्सा उपभोग्य
  • गैर-गहन और गहन स्वास्थ्य सेवाएँ
  • नैदानिक और प्रयोगशाला जांच
  • चिकित्सा आरोपण सेवाएं (जहां आवश्यक हो)
  • अस्पताल में रहने का ख़र्चा
  • अस्पताल में खाने का ख़र्चा
  • उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताएँ
  • अस्पताल में भर्ती होने के बाद 15 दिनों तक की देखभाल

इस योजना में 5,00,000 रुपये का लाभ पूरे परिवार को मिलता है, यानेकि इसका उपयोग परिवार के एक या सभी सदस्यों द्वारा किया जा सकता है। RSBY योजना के तहत पाँच सदस्यों की पारिवारिक सीमा थी। उन योजनाओं से सीख लेते हुए, (पीएम-जय)की संरचना इस प्रकार की गई है कि परिवार के आकार या सदस्यों की उम्र पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। इसके एलवा, पहले से मौजूद विभिन बीमारियों को इस योजना में पहले दिन से ही शामिल किया जाता है। इसका मतलब यह है कि (पीएम-जय)में नामांकित होने से पहले किसी भी क़िस्म की बीमारी या स्वास्थ्य अस्थिथि से पीड़ित व्यक्ति उन सभी चिकित्सीय परिस्थितियों के लिए, और साथ ही पीएम-जय योजना के तहत सारे उपचार, प्राप्त करने के लिए पहले दिन से ही लाभार्थी है।


मातृत्व वंदना योजना

योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में रु 6000 प्रदान करती है प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना 2019 के अंतर्गत पहली बार गर्भधारण करने वाली तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओ यह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है| योजना के बारे में अधिक जानकारी जैसे पंजीकरण प्रक्रिया आवेदन फॉर्म तथा पात्रा जाने के लिए यहां क्लिक करें|

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के उद्देश्य

सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रम का उद्देश्य निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करना है :


  • गर्भावस्था और बच्चे के पैदा होने के बाद महिला काम ना कर आराम करे, इसके लिए आर्थिक मदद देना। यह एक आंशिक मुआवजा है, जो कि 6000 रु. है। किसी अस्पताल या संस्थान में डिलीवरी के बाद जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत शेष आर्थिक मदद (1,000 रुपये का) प्रदान की जाती है.
  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की स्वास्थय सम्बन्धी समस्याओं को हल करने के लिए.

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना किसके लिए है
  • जो केंद्र / राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के साथ नियमित रूप से कर्मचारी हैं या जो किसी भी कानून के तहत समान लाभ प्राप्त कर रही हैं उन सभी को छोड़कर सभी गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को इस योजना का लाभ मिलता है
  • सभी योग्य गर्भवती महिलाएँ और स्तनपान कराने वाली माताएँ, जिनका परिवार में पहली संतान के लिए 01 जनवरी, 2017 को या उसके बाद गर्भधारण हुआ है.

एक लाभार्थी के लिए गर्भावस्था की तारीख को उसकी अंतिम मासिक धर्म (LMP) तारीख को ध्यान में रख कर गिना जाता है, जैसा कि मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड में दिया गया है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

एक लाभार्थी योजना के लिए अपने अंतिम मासिक धर्म (LMP) की तारीख से 730 दिनों के भीतर आवेदन कर सकती है। MCP कार्ड में रजिस्टर्ड LMP को योजना के तहत गर्भावस्था की तारीख के रूप में माना जाएगा।

PMMVY के तहत लाभ के लिए ऑफ़लाइन प्रक्रिया
स्टेप 1: योजना के तहत मातृत्व लाभ प्राप्त करने की योग्य महिलाओं को योजना के लिए आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) या एक ऐसे सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में रजिस्ट्रेशन कराना होता है, जो भी उस विशेष राज्य के लिए कार्य करता है । रजिस्ट्रेशन LMP के 150 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।
  • आवश्यक दस्तावेज़:
  • आवेदन फॉर्म 1 A
  • MCP कार्ड की कॉपी
  • पहचान प्रमाण की कॉपी
  • बैंक / डाकघर की पासबुक की कॉपी
  • आवेदक और उसके पति द्वारा हस्ताक्षर की हुई एक सहमति

यह आवेदन फ़ार्म AWC / स्वास्थ्य सुविधा केन्द्र से प्राप्त किया जा सकता है या महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है ।

आवेदक को भविष्य में आवेदन से जुड़ी किसी भी मदद के लिए रजिस्ट्रेशन की रसीद ज़रूर लेनी चाहिए।

स्टेप 2: लाभार्थी 6 महीने के गर्भधारण के बाद आर्थिक मदद की दूसरी किस्त का क्लेम फॉर्म 1 B को AWC / स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में जमा करके कर सकता है, क्लेम के साथ ही उसको MCP कार्ड की एक कॉपी के साथ कम से कम एक एंटीनाल चेक-अप (ANC) व रजिट्रेशन व फॉर्म 1 A की कॉपी जमा करनी होगी।  दूसरी किस्त का क्लेम गर्भावस्था के 180 दिनों के बाद किया जा सकता है.

स्टेप 3: तीसरी किस्त का क्लेम करने के लिए, लाभार्थी को बच्चे के जन्म रजिस्ट्रेशन, आईडी प्रूफ और MCP कार्ड (यह दर्शाता है कि बच्चे को CG , OPV, DPT और हेपेटाइटिस B का शुरुआती टीकाकरण हो चुका है) की एक कॉपी के साथ विधिवत भरा हुआ फॉर्म जमा करना आवश्यक है, । आवेदक को एक्नॉलेजमेंट स्लिप फॉर्म 1 A और फॉर्म 1 B की एक कॉपी भी दिखाना आवश्यक होता है।आवेदक को जम्मू-कश्मीर (J & K), असम और मेघालय को छोड़कर सभी राज्यों में आधार कार्ड की एक कॉपी भी जमा करानी होती है.

PMMVY के तहत लाभ के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया
स्टेप 1:  https://pmmvy-cas.nic.in  पर जाएं और योजना सुविधा के (आंगनवाडी / अप्रूव्ड स्वास्थ्य सुविधा केन्द्र) लॉग इन जानकारी का उपयोग कर PMMVY सॉफ्टवेयर में लॉग-इन करें

स्टेप 2: लाभार्थी रजिस्ट्रेशन फॉर्म (जिसे एप्लीकेशन फॉर्म 1 A भी कहा जाता है) के अनुसार जानकारी भरकर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए ‘New Beneficiary’ टैब पर क्लिक करें। फॉर्म भरने के लिए आप PMMVY CAS यूजर मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते हैं 

स्टेप 3: गर्भावस्था के 6 महीने के बाद, फिर से PMMVY CAS सॉफ्टवेयर में लॉग इन करें और ‘दूसरी किस्त‘ टैब पर क्लिक करें और यूज़र मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए फॉर्म 1 B भरें।

स्टेप 4: बच्चे के जन्म के बाद और CG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस B के टीकाकरण के पहले चरण को पूरा करने के बाद, PMMVY CAS सॉफ्टवेयर में लॉग-इन करें और ‘तीसरी किस्त‘ टैब पर क्लिक करें और निम्नलिखित 1C भरें

प्रत्येक स्टेप में आवश्यक दस्तावेजों को जानने के लिए, कृपया ऊपर दिए गए खंड ‘ ऑफ़लाइन प्रक्रिया के लिए लाभकारी मातृत्व लाभ के तहत PMMVY ‘ को देखें।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हेल्पलाइन नंबर

PMMVY से संबंधित किसी भी प्रश्न या समस्या के मामले में, कृपया नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

PMMVY हेल्पलाइन नं. : 011-23382393

नेशनल एजुकेशन पालिसी योजना

केंद्र सरकार ने नेशनल एजुकेशन पालिसी को आरम्भ किया है इस योजना के अंतर्गत स्कूलों तथा कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नीति तैयार की जाती है। नेशनल एजुकेशन पालिसी के अंतर्गत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जी ई आर के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा।  अंतर्गत सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे मुख्य बदलाव किए हैं पहले 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था परंतु अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा। जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी और 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा होगी। National Education Policy 2020 का मुख्य उद्देश्य भारत में  प्रदान की जाने वाली शिक्षा को वैश्विक स्तर पर लाना है। इस योजना के ज़रिये शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।

अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना

इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा देश के गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए की गयी है। इस योजना के अंतर्गत  अंत्योदय राशन कार्ड धारको को सरकार द्वारा प्रतिमाह 35 किलो राशन प्रदान किया जायेगा। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत एक और फैसला लिया है कि देश के गरीब परिवारों के साथ साथ दिव्यांगों को भी इस योजना के अंतर्गत हर महीने 35 किलो अनाज गेहूं 2 रुपये प्रति किलोग्राम और धान 3 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाबप्रति परिवार को दिया जायेगा। अन्त्योदय अन्न योजना मुख्य रूप से गरीबों के लिए आरक्षित है, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवार को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएंगा। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी का कहना है कि अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड और प्राथमिकता वाले परिवार कि राशन कार्ड के अंतर्गत कौन लाभार्थी होंगे इसकी जवाबदेही राज्य सरकार पर है।

Antyodaya Anna Yojana 2020

अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को अंत्योदय राशन कार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके माध्यम से लाभार्थी 35 किलो राशन जिसमें 20 किलो गेहूं तथा 15 किलो चावल शामिल है प्राप्त कर पाएंगे। लाभार्थी गेहूं ₹2 प्रति किलोग्राम और धान ₹3 प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीद सकते हैं। इस योजना का लाभ केवल वही लोग उठा सकते हैं जिनकी आय का कोई स्थिर साधन नहीं है या फिर वह बहुत गरीब है। अंत्योदय अन्न योजना का आरंभ केंद्र सरकार द्वारा 25 दिसंबर 2000 को खाद आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा किया गया था। इस योजना के अंतर्गत शुरू में 10 लाख परिवारों को शामिल किया गया था। अब Antyodaya Anna Yojana के अंतर्गत दिव्यंगो को भी शामिल कर लिया गया है। यदि आप भी अंत्योदय अन्न योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

अंत्योदय अन्न योजना नई अपडेट

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं केंद्र सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्तियों के लिए कई सारी योजनाएं चला रही है। जिससे कि उनके जीवन स्तर में सुधार आ सके। इसी में से एक अंत्योदय अन्न योजना है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को कम पैसों में पूरे महीने का राशन उपलब्ध कराया जाएगा। अब इस योजना के अंतर्गत विकलांग व्यक्तियों को भी लाभार्थी बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत 35 किलो राशन हर महीने प्रदान किया जाएगा।


अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना 2020 का उद्देश्य

जैसे कि आप लोग जानते है देश में बहुत से ऐसे लोग है जो आर्थिक रूप से बहुत ज़्यादा कमज़ोर होने के कारण खाने के लिए राशन नहीं खरीद पाते है। उनके लिए सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड को जारी किया गया है और देश दिव्यांगों को भी अपनी आर्थिक ज़रूरतों को भी पूरा करने के बहुत मुश्किल होती है इन सभी परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना को शुरू किया है इस योजना के अंतर्गत देश के दिव्यांग व्यक्तियों को खाने के लिए खाद्य पदार्थ सस्ती दरों पर प्रदान करना। इस योजना के ज़रिये दिव्यांगों को प्रति परिवार 35 किलो अनाज हर महीने प्रदान किया जायेगा।इस योजना के ज़रिये  सभी राज्यों से सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी दिव्यांग इससे वंचित न रहे।

स्वनिधि योजना

इस योजना को केंद्र सरकार द्वारा देश के रेहड़ी और पटरी वालों (छोटे सड़क विक्रेताओं) को अपना खुद का काम नए सिरे से शुरू करने के लिए आरम्भ किया गया है।  इस स्वनिधि योजना के अंतर्गत देश के रेहड़ी और पटरी वालों (छोटे सड़क विक्रेताओं) को अपना खुद का काम आरम्भ करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 10000 रूपये तक का लोन उपलब्ध कराया जायेगा। सरकार द्वारा लिया गया यह ऋण रेहड़ी पटरी वाले एक साल के भीतर किस्त में लौटना होगा। स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वेंडर, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फलवाले आदि सहित 50 लाख से अधिक लोगों को योजना से लाभ प्रदान किया जायेगा | देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो वह योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।


प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत  27.33 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वालों को एक साल के लिए 10,000 रुपये का ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का हिस्सा है।  ऐसे लोग यह लोन देशभर में फैले 3.8 लाख साझा सेवा केन्द्रों (सीएससी) केन्द्रों के जरिये ले सकते हैं या नगर पालिका कार्यालय से आवेदन पत्र ऑनलाइन अपलोड किये जा सकते हैं या फिर बैंक से यह फार्म लिया जा सकता है।


ठेले, खोमचे वालों के लिये शुरू की गई गई प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना (प्रधानमंत्री स्‍ट्रीट वेंडर्स आत्‍मनिर्भर निधि) के अंतर्गत कुल 27,33,497 आवेदनों में से 14.34 लाख आवेदनों को अबतक मंजूरी दी गई है। इसमें से 7.88 लाख कर्ज अबतक वितरित किए गए हैं। आवास एवं शहरी कार्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने ट्विटर पर लिखा, ''पीएम स्व निधि योजना आगे बढ़ रही है। इसके तहत 27 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त किए गए 14 लाख से अधिक आवेदनों को अबतक मंजूरी दी गई है। इसमें से करीब 8 लाख कर्ज अब तक वितरित किए गए हैं। 

यह ऐप मिनटों में दिलाएगा 10000 का लोन

कोरोना संकट की मार से जूझ रहे रेहड़ी, पटरी लगाने वाले छोटे कारोबारियों को मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 10,000 रुपये तक के लोन का तोहफा दिया है। ऐसे लोग यह लोन देशभर में फैले 3.8 लाख साझा सेवा केन्द्रों (सीएससी) केन्द्रों के जरिये ले सकते हैं। इसके बावजूद अगर आपको लोन मिलने में कोई दिक्कत हो रही है तो आपका मोबाइल फोन मिनटों में आपकी इस दिक्कत को दूर कर सकता है।  


पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है । पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप को शुरू करने का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स के लिए लोन अप्लाई करने के प्रोसेस को आसान बनाना है।  इस ऐप के जरिये लोन देने वाली संस्थाओं के फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों जैसे बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) या माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (MFI) के एजेंटों के जरिये स्ट्रीट वेंडर्स तक आसानी से लोन सुविधा को पहुंचाया जा सकेगा।


सब्सिडी सीधे लोन लेने वाले के खाते में जाएगी​​​​​​​

पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप के जरिये स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी कागजी कार्रवाई के माइक्रो-क्रेडिट सुविधाओं के जरिये आसानी से लोन दिया जा सकेगा। मंत्रालय की ओर इस स्कीम के तहत वेब पोर्टल की शुरूआत 29 जून, 2020 को की गई। इस ऐप में पीएम स्वनिधि के वेब पोर्टल के जैसी ही सभी सुविधाएं हैं, जिसे आसान पोर्टेबिलिटी की सुविधा के साथ जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लिए वर्किंग कैपिटल लोन को एक साल में मासिक किस्‍तों में चुकाया जाना है। लोन को समय से चुकाने पर हर साल 7 फीसदी की दर से ब्याज सब्सिडी मिलेगी। ये सब्सिडी सीधे लोन लेने वाले के खाते में जाएगी।


PM Modi Yojana 2020 List

  1. स्वनिधि योजना
  2. अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना
  3. नेशनल एजुकेशन पालिसी योजना
  4. प्रधानमंत्री रोजगार योजना
  5. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  6. रोजगार प्रोत्साहन योजना
  7. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
  8. किसान सम्मान निधि योजना
  9. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना 
  10. प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना
  11. आवास योजना लिस्ट 
  12. सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना
  13. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
  14. प्रधानमंत्री रोज़गार योजना 
  15. उज्ज्वला योजना
  16. प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना
  17. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 
  18. जीवन ज्योति बीमा योजना
  19. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना
  20. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना
  21. गर्भावस्था सहायता योजना
  22. पीएम कृषि सिंचाई योजना
  23. प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना
  24.  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
  25. अटल पेंशन योजना 
  26. प्रधानमंत्री प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना
  27. प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना


पीएम मोदी योजनाओं का उद्देश्य

इन सभी उपरोक्त कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य देश को विकसित बनाना है, देश के आर्थिक अर्थव्यवस्था को सुधारना है, नागरिकों को अच्छी सुविधाएं आत्मनिर्भर जीवन यापन के अच्छे विकल्प, अच्छे स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा रोजगार, बेहतर वातावरण इत्यादि उपलब्ध कराना है| इन्हीं सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए मान्य प्रधानमंत्री द्वारा समय-समय पर अनुसार PM Modi Yojana योजनाओं को लागू किया जाता है और हम आगे भी यही आशा रखेंगे कि सरकार इसी प्रकार की बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं देश में लागू करेगी|


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इस  योजना के तहत देश के किसानो की फसलों को सूखा और बाढ़ आने पर होने वाले नुकसान का बीमा केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जायेगा । PMFBY Yojana में प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद  हुई फसलों का बीमा किसानो को उनके सीधा बैंक अकाउंट में पंहुचा दिया जायेगा। Pradhan mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत देश के किसानो 2 लाख रूपये तक का फसल बीमा प्रदना किया जायेगा । देश के जो इच्छुक किसान इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा । केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के तहत 8800  करोड़ रूपये का खर्च किया जायेगा ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में कौन सी खेती आती है?

PMFBY योजना वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है

हर साल प्राकृतिक आपदा के चलते भारत में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. बाढ़, आंधी, ओले और तेज बारिश से उनकी फसल खराब हो जाती है. उन्हें ऐसे संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की है. इसे 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था.

इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.

PMFBY में प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के मामले में बीमा प्रीमियम को बहुत कम रखा गया है. इससे PMFBY तक हर किसान की पहुंच बनाने में मदद मिली है.

PMFBY योजना वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसमें हालांकि किसानों को 5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.

भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी या AIC) इस योजना को चलाती है.

योजना के उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कीड़े और रोग की वजह से सरकार द्वारा अधिसूचित फसल में से किसी नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता देना. किसानों की खेती में रुचि बनाये रखने के प्रयास एवं उन्हें स्थायी आमदनी उपलब्ध कराना. किसानों को कृषि में इन्नोवेशन एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना. कृषि क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना.

कहां से लें PMFBY का फॉर्म?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए ऑफलाइन (बैंक जाकर) और दूसरा ऑनलाइन, दोनों तरीके से फॉर्म लिए जा सकते हैं. फॉर्म ऑनलाइन भरने के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं- http://pmfby.gov.in/


अगर आप फॉर्म ऑफलाइन लेना चाहते हैं तो नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर फसल बीमा योजना (PMFBY) का फॉर्म भर सकते हैं.

PMFBY के लिए किन दस्तावेजों की है जरूरत? किसान की एक फोटो किसान का आईडी कार्ड (पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड) किसान का एड्रेस प्रूफ (ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड) अगर खेत आपका अपना है तो इसका खसरा नंबर / खाता नंबर का पेपर साथ में रखें. खेत में फसल की बुवाई हुई है, इसका सबूत पेश करना होगा. इसके सबूत के तौर पर किसान पटवारी, सरपंच, प्रधान जैसे लोगों से एक पत्र लिखवा ले सकते हैं. अगर खेत बटाई या किराए पर लेकर फसल की बुवाई की गयी है, तो खेत के मालिक के साथ करार की कॉपी की फोटोकॉपी जरूर ले जायें. इसमें खेत का खाता/ खसरा नंबर साफ तौर पर लिखा होना चाहिए. फसल को नुकसान होने की स्थिति में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में पाने के लिए एक रद्द चेक लगाना जरूरी है.

PMFBY के लिए ध्यान रखने वाली कुछ अन्य बातें

फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर आपको PMFBY का फॉर्म भरना जरूरी है.

फसल काटने से 14 दिनों के बीच अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं.

बीमा की रकम का लाभ तभी मिलेगा जब आपकी फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो.

दावा भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल काटने के आंकड़े जुटाने एवं उसे साईट पर अपल ..

विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल एप भारत सरकार ने हाल ही में बेहतर प्रशासन, विभिन्न एजेंसियों के बीच सही तालमेल, इस बारे में जानकारी के प्रचार-प्रसार और प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक बीमा पोर्टल शुरू किया है. एंड्रॉयड आधारित फसल बीमा एप भी शुरू किया गया है, जो फसल बीमा, कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग (डीएसी एवं परिवार कल्याण) की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है.

प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना

PM Dhan Lakshmi Yojana को देश की महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा  शुरू किया गया है । इस योजना के अंतर्गत देश की जो महिलाये  अपना खुद का रोजगार ,व्यवसाय शुरू करना चाहती है तो उन्हें केंद्र सरकार द्वारा 5 लाख रूपये तक का लोन मुहैया कराया जायेगा । जो भी ब्याज इस धनराशि में लगेगा वो सरकार द्वारा वहन किया जायेगा । इस प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना 2020 के तहत देश की गरीब और माध्यम वर्गीय महिलाओ को लाभांवित किया जायेगा ।देश की जो महिलाये 5 लाख रूपये तक का लोन प्राप्त करना चाहती है । तो उन्हें योजना की Official Website पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा ।

प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना ऑनलाइन आवेदन, Pradhan Mantri Dhan Laxmi Yojana In Hindi, प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना एप्लीकेशन फॉर्म, Pradhanmantri Dhan Laxmi Online Form, प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता मानदंडो के बारे में आपको इस लेख में जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही हम आपको इस योजना की सत्यता से सम्बंधित तथ्य दिखाएंगे।


कुछ समय से कई ऑनलाइन और ऑफलाइन स्त्रोतों से प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना की भ्रामक जानकारी साझा की जा रही है की इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को ₹500000 तक का लाभ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिया जा रहा है। आपको बताते चले की इस तरह की सभी जानकारी झूठी और अफवाह हैं। आपको बता दे की केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना नाम से किसी भी योजना की शुरुआत नहीं की गयी है।

New Pradhan Mantri Dhan Laxmi Yojana

केंद्र सरकार कन्याँ भूर्ण हत्या, बाल विवाह तथा इस जैसे महिलाओ से सम्बंधित अत्याचारों को रोकने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना के अंतर्गत महिलाओ को विशेष लाभ देने की की भ्रामक जानकारी दी जा रहे है। ऐसा खा जा रहा है की वह महिलाएं जो अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहती है वह इस योजना के तहत 5 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकेंगी।


यदि आपके पास भी किसी भी प्रकार के स्त्रोत से इस योजना के बारे में कोई सूचना मिलती है तब आप उस पर बिल्कुल भी विश्वास ना करें क्योंकि यह पूरी तरह से गलत व झूठी है | इस योजना के सम्बन्ध में कहा जा रहा है की महिलाये अपना खुद का व्यवसाय,स्वरोजगार  शुरू करना चाहती है उन्हें Pradhan Mantri Dhan Lakshmi Yojana के तहत 5 लाख तक का लोन उपलब्ध कराया जायेगा।


फ्री सिलाई मशीन योजना

इस योजना के अंतर्गत देश की गरीब और श्रमिक महिलाओ को केंद्र सरकार की तरफ से  मुफ्त में सिलाई मशीन प्रदान की जाएगी । जिससे देश की महिलाये घर बैठे खुद का  रोजगार शुरू कर सकती है । PM Free Silai Machine Scheme के तहत देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रो की आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओ और श्रमिक महिलाओ को दिया जायेगा । भारत सरकार की तरफ से हर राज्य में 50000 से अधिक महिलाओ को निशुल्क सिलाई मशीन प्रदान की जाएगी । इस योजना के अंतर्गत केवल 20 से 40 वर्ष की आयु की (20 to 40 year old women can apply ) ही महिलाये आवेदन कर सकती है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश की महिलाओ को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ।

Balika Anudan Yojana

इस योजना को भारत सरकार द्वारा देश की गरीबी रेखा से नीचे आने वाले BPL श्रेणी के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान  की जाएगी । इस Balika Anudan Yojana के अंतर्गत देश के BPL परिवारों की अधिकतम 2 बेटियों की शादी के लिए  सरकार द्वारा 50000 रूपये प्रदान (50000 rupees will be provided by the government for the marriage of maximum 2 daughters of BPL families.) किये जायेगे । PMBAY के अंतर्गत BPL परिवारों की वार्षिक आय 15000 रूपये या इससे कम होनी चाहिए तभी उनकी बेटियाँ इस योजना का लाभ उठा सकेंगी । सरकार द्वारा दी जाने वाली 50000 रूपये की धनराशि बेटी के 18 वर्ष के होने के बाद विवाह के समय दी जाएगी । Balika Anudan Yojana के ज़रिये बेटियों के भविष्य को उज्जवल  बनाना |


प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

इस योजना को देश के छोटे और सीमांत किसानो को वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आरम्भ की गयी है | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत  देश के 2 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि वाले छोटे और सीमांत किसानो को  सालाना 6000 हज़ार रूपये सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी । दी जाने वाले वाली सालाना 6000 रूपये की धनराशि तीन किश्तों में किसानो को दी जाएगी । यह धनराशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर मोड के माध्यम से 2000 रूपये की तीन किश्तों में लाभार्थियों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी । अब देश के सभी किसान जिनके पास 1 हेक्टेयर 2 हेक्टेयर 3 हेक्टेयर 4 हेक्टेयर 5 हेक्टेयर इत्यादि कितनी भी खेती की जमीन है वह बीच इस योजना के तहत आवेदन कर सकते है ।


फ्री सोलर पैनल योजना

भारत सरकार द्वारा इस योजना के ज़रिये देश के किसानो के खेतो की सिचाई के लिए  सोलर पैनल से चलने वाले सिचाई पम्प उपलब्ध कराये जायेगे । इस योजना के तहत किसानो को खेती करने में आसानी होगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी । इन सोलर पैनल की सहायता से किसान खेत में लगे सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को विभिन्न बिजली कंपनियों को बेच कर अतिरिक्त आय के रूप में रु 6000 तक पा सकेंगे | Free Solar Penal Scheme को कुसुम योजना के नाम से भी जाना जाता है ।किसान सोलर सिंचाई पंप स्थापित करके पेट्रोलियम ईंधन की लागत को समाप्त कर सकते हैं ।इस योजना के तहत सरकार ने आने वाले 10 साल की अवधि के लिए 48000 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया है ।


प्रधानमंत्री रोजगार योजना

Pradhanmantri Rojgar Yojana के ज़रिये सरकार देश के बेरोजगार युवाओ को खुद का रोजगार शुरू करने का अवसर प्रदान कर रहे है । इस योजना के अंतर्गत  देश के बेरोज़गार युवाओ को कम ब्याज दर स्वयं का  व्यवसाय शुरू करने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न बेंको के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराती है ।इस योजना के तहत जो लाभार्थी खुद का रोजगार ,व्यवसाय शुरू करना चाहते है तो वह इस योजना के तहत आवेदन कर सकते है इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी द्वारा आरम्भ किये जाने वाले रोजगार की कुल लागत 2 लाख  रूपये तक होनी चाहिए और लाभार्थी की आयु 18 से 35  वर्ष होनी चाहिए । प्रधानमंत्री रोजगार योजना की पात्रता ,आवेदन प्रक्रिया ,दस्तावेज़ की जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ  क्लिक करे |


प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

इस योजना के अंतर्गत देश के छोटे और सीमांत किसानो को बुढ़ापे में जीवन व्यतीत करने के लिए  सरकार की तरफ से पेंशन प्रदान की जाएगी । प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के अंतर्गत देश के किसानो को 60 वर्ष की आयु के बाद बुढ़ापे में अच्छे से जीवन यापन करने के लिए  सरकार द्वारा प्रतिमाह 3000 रूपये की पेंशन धनराशि प्रदान की जाएगी । इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों द्वारा  50 % प्रीमियम का अनुदान किया जायेगा और बाकि 50% प्रीमियम का अनुदान सरकार द्वारा किया जायेगा । देश के जो इच्छुक लाभार्थी  इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह ऑनलाइन ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते है तथा ऑफलाइन जनसेवा केंद्र आदि  दोनों तरीके से आवेदन कर सकते है ।


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